Sunday, July 3, 2022
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दुःखद: नहीं रहे संचार क्रांति के मसीहा और प्रदेश की राजनीति के चाणक्य

मंगलवार देर रात 1 बजे ली न्यू दिल्ली एम्स में अंतिम सांस, अंतिम दर्शनों के लिए मंडी के सेरी मंच में रखी जाएगी पार्थिव देह

शिमला,11 मई: कांग्रेस पार्टी ने अपना एक और वरिष्ठ नेता खो दिया है। 95 वर्षीय वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुख राम का  मंगलवार रात 1 बजे निधन हो गया है। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतिम सांस ली। उनके पुत्र अनिल शर्मा विधायक मंडी सदर ने यह सूचना दी है।
अनिल शर्मा ने उनके निधन की सूचना देते हुए लिखा कि “आप सभी को बड़े ही दुखी मन से सूचित कर रहा हूं कि हम सबके प्रिय पंडित सुखराम जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। बीती रात करीब एक बजे उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में फिर से दिल का दौरा पड़ा और इस कारण उनका देहांत हो गया है। आज पंडित सुखराम जी के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से दिल्ली से मंडी लाया जाएगा। कल 11 बजे सेरी मंच पर अंतिम दर्शन करवाए जाएंगे और उसके बाद उनका अंतिम संस्कार होगा। पंडित जी के जाने से सिर्फ हमारे परिवार को ही नहीं बल्कि मंडी सदर और पूरे प्रदेश को भारी आघात पहुंचा है। उन्हें संचार क्रांति का मसीहा और हिमाचल प्रदेश की राजनीति का चाणक्य कहा जाता था। उन्होंने हमेशा पूरे प्रदेश को एक समान दृष्टि से देखा और विकास में कभी भेदभाव नहीं किया। पंडित जी ने प्रदेश के विकास में जो योगदान दिया है उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। आप हमेशा हमारे और प्रदेश सहित देश भर के लोगों के दिलों में रहोगे। आपके द्वारा लाई गई संचार क्रांति देश को हमेशा एक नई दिशा देती रहेगी।”
पं सुखराम को ब्रेन स्ट्रोक के कारण सात मई को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती करवाया गया था जहां सोमवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ा था उसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर  शिफ्ट किया गया था। उन्हें बीते शनिवार हेलीकॉप्टर के द्वारा दिल्ली लाया गया था।
अब नहीं बजेगी फोन की घंटी:आश्रय शर्मा
पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा ने भी मंगलवार देर रात फेसबुक पर पोस्ट में अपने दादा को लिखा ” अलविदा दादाजी, अभी नहीं बजेगी फोन की घंटी।”
संचार क्रांति के जनक और हिमाचल की राजनीति के चाणक्य पंडित सुखराम:
पंडित सुखराम को संचार क्रांति का जनक माना जाता था साथी हिमाचल प्रदेश की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता था। सुखराम 1993 से 1996 केंद्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे थे। वे मंडी लोकसभा सीट पर सांसद भी रहे थे। वे पांच बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनावों में विजयी रहे थे।

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