Saturday, May 18, 2024
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न दें आश्वासन,घोषणाओं को शीघ्र पहनाएं अमलीजामा,नहीं तो अब होगा संघर्ष: रमेश कमल

हिमाचल निजी बस ऑपरेटर्स संघ की बैठक आयोजित, सरकार पर लगाया दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

शिमला: हिमाचल निजी बस ऑपरेटर्स संघ ने आज आयोजित बैठक में निजी बसों की तरह एचआरटीसी बसों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट देते समय एसआरटी और अन्य टैक्स अनिवार्य किए जाने की मांग प्रशासन के समक्ष उठाई। संघ ने टैक्स माफी और कार्यशील पूंजी की घोषणा को शीघ्र अमलीजामा पहनाने की मांग की। संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी मांगें न माने जाने की स्तिथि में निजी बस ऑपरेटर्स संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।


सरकार अपना रही दोहरे मापदंड:
जारी एक बयान में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर्स संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि सरकार निजी बस चालकों के साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एसआरटी क्लीयरेंस का फरमान मात्र निजी बसों पर लागू करती है जबकि एचआरटीसी की बसें बिना कोई टैक्स दिए पास होती है और उनके परमिट भी रिन्यू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन  मंत्री बिक्रम ठाकुर ने स्वयं सदन में माना है कि एचआरटीसी 220 करोड़ रुपए की डिफॉल्टर है,जबकि वास्तविकता यह है कि एचआरटीसी ने वर्ष 2008 के बाद अभी तक एसआरटी जमा नहीं करवाया है। सरकार द्वारा हमेशा ही एचआरटीसी एवं निजी बस ऑपरेटरों को अलग-अलग तराजू में तोला गया है और निजी बस संचालकों पर हमेशा ही कानून का डंडा चलाया जाता है।
प्रदेश सचिव निजी बस ऑपरेटर्स संघ रमेश कमल
विभाग से मिला मात्र आश्वासन:
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एचआरटीसी को अरबों रुपए की सहायता दी गई है लेकिन निजी बस ऑपरेटर्स मात्र एसआरटी माफ करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक सरकार द्वारा इस पर कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब भी निजी बस ऑपरेटर का प्रतिनिधिमंडल सरकार के मंत्रियों से मिलता है तो हमेशा ही आश्वासन दिया जाता है और निजी बस ऑपरेटर को हमेशा ही बेवकूफ बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर्स कई बार परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर से मिले लेकिन उन्होंने हमेशा टेक्स माफी एवं कार्यशील पूंजी की मांग को अमलीजामा पहनाने का मात्र आश्वासन दिया।
सरकार ने बदले निर्णय तो क्यों अदा करें पूरा टैक्स:
उन्होंने कहा कि  प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स काफी समय से अगस्त 2020 से 31 मार्च 2021 तक का टैक्स माफ करने की गुहार कर रहे हैं लेकिन सरकार ने उनकी मांग को लेकर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। रमेश कमल ने कहा कि निजी बसों में अभी तक ऑक्यूपेंसी संतोषजनक नहीं है साथ ही सरकार द्वारा भी कई बार बस में सवारियों को लेकर कई तरह के आदेश जारी किए गए वहीं निजी बस ऑपरेटर्स ने भी उन आदेशों का पूरे सम्मान के साथ पालन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कभी 60% ऑक्युपेंसी में निजी बसों में सवारियां बैठाने के आदेश दिए तो कभी 50% सवारियां उठाने का आदेश दिया । सरकार द्वारा ही 50%और 60% ऑक्युपेंसी में बसें चलाने का आदेश दिया गया है तो निजी बस ऑपरेटर क्यों पूरा टैक्स जमा करेगा? उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह निजी बस ऑपरेटरों के साथ दुश्मनों की तरह बर्ताव ना करें क्योंकि निजी बस ऑपरेटर्स भी हिमाचल प्रदेश के ही नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर्स कई लोगों को रोजगार मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर जल्द विचार करना चाहिए।
अपनाएंगे अब संघर्ष का रास्ता:
संघ ने मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वारा  31 मार्च 2021 तक टैक्स माफी और कार्यशील पूंजी की घोषणा को शीघ्र अमलीजामा पहनाया जाए अन्यथा अपनी मांगों के न माने जाने की स्तिथि में निजी बस ऑपरेटर्स अब संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।

 

बैठक में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंदर गुलेरिया व विजय ठाकुर,प्रदेश महासचिव रमेश कमल,सचिव मनु शर्मा,भारत भूषण, चंदन क़रीर, जर्म सिंह,नालागढ़ के मनोज राणा, ऊना के  संदीप शर्मा, राम कृष्ण शर्मा,कांगड़ा के अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा, मुन्ना वालिया, विरेंदर मनकोटिया, जिला मंडी के अध्यक्ष सुरेश एवं महासचिव  हंस ठाकुर, चेयरमैन गुलशन दीवान, कुल्लू के प्रधान रजत ठाकुर, हमीरपुर के विजय ठाकुर एवं राजकुमार शिमला शहरी यूनियन के अध्यक्ष कमल ठाकुर एवं महासचिव सुनील चौहान, हिमालयन  निजी बस ऑपरेटर यूनियन  के प्रधान वीरेंद्र कंवर, महासचिव अतुल चौहान,सिरमौर जिला के प्रधान मामराज, अखिल शर्मा, जिला सोलन के अध्यक्ष जॉनी मेहता, चंबा के प्रधान रवि महाजन, बिलासपुर के प्रधान राजेश पटियाल एवं महासचिव सोनू चौहान उपस्थित थे।

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